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Showing posts from October, 2023

टीबी के मरीज़ क्या खाएं और क्या ना खाएं? क्या होता है पेट की टीबी होती है? पेट की टीबी होने का कारण?

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  Diet for abdominal tuberculosis   टीबी के मरीज़ क्या खाएं और क्या ना खाएं? कैलोरी से भरपूर आहार- खिचड़ी से मिलेगी शक्ति- प्रोटीन को दें प्राथमिकता- विटामिन ए, सी और ई का भरपूर सेवन करें- जिंक से भरपूर भोजन लें- विटामिन बी कॉम्प्लेक्स है आवश्यक- ग्रीन टी- लहसुन आएगा काम-   क्या होता है पेट की टीबी होती है ? पेट की टीबी जिसे मेडिकल भाषा में Abdominal Tuberculosis (TB) कहा जाता है। इस गंभीर बीमारी पर अगर ध्यान नहीं दिया जाए तो ये आपको सालों साल परेशान कर सकती है। टीबी की बीमारी आंतों में बनती है और यह पेरिटोनियम, पेट के लिम्फ नोड्स और कभी-कभी आंत को भी प्रभावित करती है। भारत में टीबी के मरीजों की संख्या बहुत ज्यादा है।   पेट   की   टीबी   होने   का   कारण? डाइट में दूध का सेवन इस बीमारी का कारण बन सकता है। बिना पाश्चराइज दूध टीबी की बीमारी का कारण बनता है।इस बीमारी का इलाज लम्बा चलता है। इस बीमारी की दवा का कोर्स 6 महीने, 9 महीने या फिर एक साल तक चल सकता है। पेट   की   टीबी   कितनी   खतरनाक   होती   है ? Abdominal...

बीपी लो हो तो क्या खाना चाहिए? बीपी लो क्यों होता है? बीपी लो किसकी कमी से होता है?

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  WHAT TO EAT IN LOW BP बीपी   लो   हो   तो   क्या   खाना   चाहिए ? यहां कुछ खाद्य पदार्थ हैं जो लो ब्लड प्रेशर की समस्या को कुछ कम करने में मदद कर सकते हैं: नमक अधिक नमक वाले खाद्य पदार्थ खाने से दो ब्लडप्रेशर बढ़ाने में मदद मिलती है पानी पानी की कमी लो ब्लडप्रेशर का कारण है, इसलिए दिन भर में खूब पानी पीना चाहिए कैफीन फल और सब्जियां मांसाहर साबुत अनाज मेवे और बीज   बीपी लो क्यों होता है? ये किसी भी इंसान को किसी भी कारण से हो सकते हैं जैसे शरीर में पानी की कमी, दवाई का असर, सर्जरी या गंभीर चोट, आनुवंशिक या जेनेटिक, स्ट्रेस लेना, ड्रग्स का सेवन, खान पान की बुरी आदतें, ज्यादा समय तक भूखा रहना या अनियमित खान पान आदि बीपी   लो   किसकी   कमी   से   होता   है ? ब्लड प्रेशर कम होने की वजहपानी की कमी हो सकती है. दरअसल पानी की कमी से शरीर में खून की मात्रा भी कम हो जाती है और बीपी लो हो जाता है पानी की कमी कुछ दवाइयों के इस्तेमाल या फिर दस्त जैसी हेल्थ कंडीशन्स की वजह से ...

दस्त होने का कारण क्या होता है? दस्त लगने पर क्या नहीं खाएं अगर खाया तो और बढ़ जाएंगे? दस्त होने पर क्या क्या नहीं खाना चाहिए?

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  Diet to be avoided in diarrhea दस्त   होने   का   कारण   क्या   होता   है ? दस्त लगने का सबसे मुख्य कारण संक्रमण होता है। यह संक्रमण वायरस, बैक्टीरिया, प्रोटोजुआ या फंगस के संक्रमण से हो सकता है। यह संक्रमण प्रदूषित खान-पान या गंदे हाथों से किसी खाद्य पदार्थ के खाने से मानव शरीर में फैल जाता है, जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है।   दस्त लगने पर क्या नहीं खाएं अगर खाया तो और बढ़ जाएंगे? एक्सपर्ट के मुताबिक आप दस्त होने पर शरीर कॉफी कमजोर हो जाता है, ऐसे में आप दवाईयों के साथ प्रॉपर डाइट भी लें ताकि आप जल्दी से जल्दी ठीक हो सकें। - दस्त होने परमसालेदार खाने से बचें। जूस और ज्‍यादा मीठे फल खाने से भी परहेज करें   दस्त   होने   पर   क्या   क्या   नहीं   खाना   चाहिए ? इसलिए दस्त के मरीज कोबहुत ज्यादा मीठे फल, गुड़ या मिठाई वगैरह नहीं खानी चाहिए। यहां तक कि आर्टिफिशियल स्वीटनर का भी प्रयोग खाने में नहीं करना चाहिए। फाइबर युक्त भोजन भी दस्त के दौरान खाना सही नहीं होता है। क्योंकि इससे पाचन तं...

कैल्शियम की कमी के लक्षण क्या है? कैसे पता करें कि शरीर में कैल्शियम की कमी है? कैल्शियम की कमी के लक्षण?

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  Symptoms of Calcium Deficiency कैल्शियम   की   कमी   के   लक्षण   क्या   है ? कैल्शियम शरीर के लिए बहुत जरूरी पोषक तत्वों में से एक है। यह हड्डियों और दातों के साथ कई दूसरे अंगों की संरचना और विकास के लिए भी बहुत आवश्यक है। शरीर में कैल्शियम की कमी के लक्षण हड्डियां और मांसपेशियां कमजोर होना, दांत कमजोर होना, नाखून टूटना, नसों का खींचना, ज्वाइंट पेन इत्यादि है। कैसे   पता   करें   कि   शरीर   में   कैल्शियम   की   कमी   है ? कैल्शियम   की   कमी   के   लक्षण? हड्डियों में कमजोरी दाढ़ी या नाखूनों का टूटना दांतों की कमजोरी और ढीलापन मांसपेशियों में दर्द या दुर्बलता जोड़ों में दर्द या स्वेलिंग नसों की खींचाव अधिक थकान या कमजोरी नींद में असु   कैल्शियम   की   कमी   से   शरीर   में   क्या   क्या   परेशानी   होती   है ? शरीरमें कैल्शियम की कमी से हाइपोग्लाइसीमिया, ऑस्टियोपोरोसिस और कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं...

कैल्शियम के लिए क्या खाएं? सबसे ज्यादा कैल्शियम कौन से खाने में होता है? तेजी से कैल्शियम कैसे बढ़ाए?

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  Best source of calcium rich diet कैल्शियम के लिए क्या खाएं? दही कीवी दूध मक्खन पनीर सबसे   ज्यादा   कैल्शियम   कौन   से   खाने   में   होता   है ? कैल्शियम का सबसे अच्छा सोर्सदूध को माना जाता है। इसलिए कहा भी जाता है कि नियमित रूप से दूध का सेवन करना चाहिए। एक गिलास दूध में करीब 300 ग्राम कैल्शियम होता है। अगर दूध स्किप हुआ तो समझ सकते हैं कि शरीर में कितने कैल्शियम की कमी हो जाएगी। तेजी   से   कैल्शियम   कैसे   बढ़ाए ? दूध दूध को हमेशा सेकैल्शियम का सबसे अच्छा स्रोत माना गया है। डेयरी प्रोडक्ट्स दूध की ही तरह दूध से बने डेयरी प्रोडक्ट्स जैसे दही, पनीर आदि में भीकैल्शियम की प्रचुरता होती है। चीज बादाम और अंजीर सोयाबीन हरी पत्तेदारसब्जियां सीड्स ( कुछ मसाले और ड्राई फ्रूट्स) टमाटर तेजी   से   कैल्शियम   कैसे   बढ़ाए ? चिया सीड्स, अलसी के बीज, अखरोट, तिल और मूंगफलीकैल्शियम के अच्छे स्त्रोत हैं. इन्हें डाइट का हिस्सा बनाना भी आसान है. कैल्शियमसे भरपूर टोफू (Tofu) डाइट में शामिल किया ज...

प्रेगनेंसी में केला कब और कितना खाएं ? प्रेगनेंसी में केले से परहेज क्यों करना चाहिए? गर्भवती महिला को कौन सा फल नहीं खाना चाहिए?

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  Banana benefits in pregnancy प्रेगनेंसी   में   केला   कब   और   कितना   खाएं  ? विशेषज्ञ प्रेगनेंसी डाइट में केले को शामिल करने की सलाह देते हैं।ब्रेकफास्ट, भोजन (Mini Meal) और स्नैक्स में केला लेने को कहा गया है। साथ ही जेस्टेशनल डायबीटीज के दौरान भी डाइट में केले को शामिल करना अच्छा बताया गया है केले में कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, आयरन, फाइबर, प्रोटीन, विटामिन, पोटैशियम और प्रोटीन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो कि गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे बेबी की सेहत के लिए ज़रूरी होते हैं. ऐसे में आप प्रेग्नेंसी के दौरानडेली एक से दो केले खा सकते हैं सुबह के टाइम खट्टे फल खाने से बचना चाहिए. जैसे- नारंगी, कीवी, अंगूर, आंवला जैसे फल. साबुत अनाज में विटामिन्स, प्रोटीन और फाइबर भरपूर मात्रा में होता है. साबुत अनाज के रूप में दलिया, ओट्स और ब्राउन ब्रेड खा सकते हैं प्रेगनेंसी   में   केले   से   परहेज   क्यों   करना   चाहिए ? केले में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बहुत अधिक होती है क्योंकि इनमें ग्लूकोज, सुक...

प्रेगनेंसी में संतरा खाने के फायदे और नुकसान? प्रेगनेंसी में संतरा खाने के फायदे क्या है? प्रेगनेंसी में संतरा खाने के नुकसान क्या हैं?

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  Advantages and disadvantages of eating orange during pregnancy प्रेगनेंसी   में   संतरा   खाने   के   फायदे   और   नुकसान ? प्रेगनेंसी   में   संतरा   खाने   के   फायदे   क्या   है ? इम्‍यून सिस्‍टम मजबूत होता है शिशु के मस्तिष्‍क के विकास के लिए फायदेमंद है। कब्‍ज से राहत ब्‍लड प्रेशर को कंट्रोल कैल्शियम आयरन फोलेट पोटैशियम फाइबर प्रेगनेंसी   में   संतरा   खाने   के   नुकसान   क्या   हैं ? संतरे में मौजूद विटामिन ए की मात्रा का प्रेग्नेंट महिला की बॉडी में बढ़ना शिशु के लिए जन्म दोष के खतरे को बढ़ा सकता है। विटामिन इ की मात्रा भी संतरे में मौजूद होती है और माँ के पेट पल रहें शिशु तक विटामिन इ की अधिक मात्रा का पहुंचना शिशु के वजन में कमी जैसी परेशानी खड़ी कर सकता है। संतरे का सेवन यदि गर्भवती महिला अधिक करती है तो इसके कारण महिला को दांतों से जुडी परेशानी हो सकती है। प्रेगनेंसी   में   संतरा   कितना   खाना   चाहिए ? गर्भवती महिला को दिन में 3 संतरे खाने ...

प्रेगनेंसी में सेब कब और कितना खाएं? गर्भवती महिला को सेब कब खाना चाहिए? अगर मैं प्रेगनेंसी के दौरान रोज सेब खाती हूं तो क्या होता है?

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  Apple advantages during pregnancy प्रेगनेंसी में सेब कब और कितना खाएं? गर्भावस्‍था के दौरान शरीर को हर प्रकार के पोषक तत्‍वों की आवश्‍यकता होती है, जिसकी अनेको आवश्‍यकताएं सेब ही पूरा कर देता है। तो देर किस बात की अगर आपको अपने बच्‍चे की स्‍वास्‍थ्‍य की चिंता है तो, अभी से हीदिन में 2 सेब खाना शुरु कर दें। गर्भावस्था में सेब खाने से बच्चे को अस्थमा नहीं होता है। गर्भवती   महिला   को   सेब   कब   खाना   चाहिए ? सेब एंटीऑक्‍सीडेंटों, फाइटोन्‍यूट्रिएंट्स, फ्लेवेनॉइड्स और डायट्री फाइबर से भरपूर होता है। इसलिए गर्भवती महिला बिना किसी हिचक के इस फल को खा सकती है। हालांकि, सेब को खाने से पहले इसे अच्‍छी तरह से धो लेना चाहिए। सेब के बीजों में साइनाइड होता है जो शरीर के लिए हानिकारक हो सकते हैं। अगर   मैं   प्रेगनेंसी   के   दौरान   रोज   सेब   खाती   हूं   तो   क्या   होता   है ? सेबस्वस्थ हृदय को बढ़ावा देने और सीने की जलन को कम करने में मदद कर सकता है । गर्भावस्था के दौरान, अधिक एसिडिटी ...

प्रेगनेंसी में आम कब और कितना खाएं? गर्भावस्था में आम खाने के फायदे और नुकसान क्या है? आम खाने का सबसे अच्छा समय कब है?

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  HOW MUCH TO EAT MANGO DURNG PREGNANCY प्रेगनेंसी   में   आम   कब   और   कितना   खाएं? प्रेगनेंसी में खासतौर पर तीसरे चरण में महिलाओं को एनर्जी की बहुत जरूरत होती है। अगर डॉक्‍टर आपको अपने आहार में कैलोरी की मात्रा बढ़ाने के लिए कहते हैं तो आपको आम को अपनी डाइट में शामिल कर सकती हैं। हालांकि, आपकोएक दिन में एक से ज्‍यादा आम नहीं खाने चाहिए। गर्भावस्था के दौरान मैं कितने आम खा सकती हूँ? गर्भावस्था के दौरान प्रतिदिन एक आम खाना पर्याप्त माना जाता है। हम आपको सलाह देते हैं कि आम को अपने आहार में शामिल करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श लें क्योंकि यह एक उच्च कैलोरी वाला फल है। इसके अलावा, 100 ग्राम आम में66 ग्राम चीनी होती है, जिससे गर्भकालीन मधुमेह हो सकता है। गर्भावस्था   में   आम   खाने   के   फायदे   और   नुकसान   क्या है? ऐसे मेंआम भ्रूण के विकास के लिए बेहद गुणकारी है। आम में मौजूद फोलिड एसिड महिलाओं की सेहत के लिए काफी अच्छा होता है। विटामिन-सी से भरपूर आम के सेवन इम्यूनिटी बढ़ाने में काफी मदद मिलती है।...

गर्भवती महिला के लिए कौन सा फल अच्छा है? प्रेगनेंसी में कौन सा फ्रूट नहीं खाना चाहिए? प्रेगनेंसी में कौन सा dry फ्रूट नहीं खाना चाहिए?

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  Which fruits should be eaten during pregnancy गर्भवती   महिला   के   लिए   कौन   सा   फल   अच्छा   है ? कीवी प्रेगनेंसी में कौन से फ्रूट खाने चाहिए, इसमें एक नाम कीवी का हो सकता है। चेरी चेरी में भरपूर मात्रा में विटामिन, मिनरल और फाइबर मौजूद होता है अमरूद आम नाशपाती सेब चीकू स्ट्रॉबेरी प्रेगनेंसी में कौन सा फ्रूट नहीं खाना चाहिए? कच्चा पपीता - प्रेग्नेंसी में महिलाओं को कच्चा पपीता का सेवन नहीं करना चाहिए. अगर आप कच्चा पपीता खाते हैं तो इसकी वजह से गर्भपात का जोखिम बढ़ सकता है. अनानास - गर्भावस्था के दौरान पाइनएप्पल का सेवन न करें. रिसर्च के मुताबिक, इसकी वजह से प्रीमैच्योर डिलीवरी यानी समय से पहले प्रसव होने का खतरा रहता है. अंगूर - प्रेग्नेंसी में अंगूर का सेवन नहीं करना चाहिए. इसकी वजह से भ्रूण में ब्लड फ्लो सही तरीके से नहीं होता है. प्रेगनेंसी   में   कौन   सा  dry  फ्रूट   नहीं   खाना   चाहिए? उन्होंने बताया कि बादाम, अखरोट, हेजलनेल, काजू, पिस्ता, खजूर, किशमिश, चिलगोजा आदि का सेवन किय...